स्वर्णिम चातुर्मास बना सबके सहयोग से संयम साधना महोत्सव



-रतलाम चातुर्मास के सहयोगियों का सम्मान
-400 से अधिक लोगों को सम्मानित कर जताया आभार

रतलाम। श्री साधुमार्गी जैन संघ ने रविवार को सेठिया मेरिज गार्डन में समारोह आयोजित कर रतलाम चातुर्मास 2018 में सहयोग देने वाले 400 से अधिक महानुभावों का सम्मान किया। इस मौके पर सहयोगियों का अभिनंदन कर जहां उनका आभार जताया गया, वहीं चातुर्मास के दौरान जाने-अनजाने में हुई अविनय-असाधना के लिए क्षमापना भी की गई। श्री संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेशाध्यक्ष राजमल पंवार ने कहा कि सबके सहयोग ने चातुर्मास के दौरान आयोजित संयम साधना महोत्सव का स्वर्णिम बना दिया है। चातुर्मास संयोजक महेंद्र गादिया ने बताया कि निश्रा प्रदाता, दीक्षा दानेश्चरी, आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलालजी म.सा.के आचार्यकाल में हुए रतलाम के इस पहले चातुर्मास में कई रिकार्ड बने। आचार्यश्री के सानिध्य में 151 मासक्षमण की तप आराधनाएं के साथ 309 शीलव्रत, 618 केशलोच एवं 16 मुमुक्षु की दीक्षा सहित कई त्याग, तपस्याएं हुई। आचार्यश्री के श्रीमुख से चातुर्मास में तपस्या का संकल्प लेकर प्रतापगढ़ की मोनिका चिप्पड़ ने रिकार्ड 131 उपवास की तपस्या की। इसे गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। इसके अलावा आचार्यश्री के रतलाम पदार्पण पर मासक्षमण का संकल्प लेने वाले सुश्रावक कपूर कोठारी ने एक चातुर्मास में तीन मासक्षमण करने का रिकार्ड भी बनाया। आचार्यश्री के चातुर्मास काल के दौरान रतलाम में सर्वत्र त्याग, तपस्या की झड़ी लगी रही। देश-विदेश के कई गुरूभक्तों का रतलाम आगमन हुआ। इस दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं में कई लोगों ने सहयोग दिया। श्री संघ ने चातुर्मास के दौरान सेवा देने वाले चिकित्सकों, स्थल प्रदान करने वाले सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। संचालन विनोद मेहता ने किया। आभार श्री संघ के मंत्री सुशील गौरेचा ने माना। इस दौरान श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल मांडोत, बाबूलाल छाजेड़ एवं दीर्घ तपस्वी कपूर कोठारी भी मंचासीन थे।

संघ का गौरव बढ़ाने में रतलाम का महत्वपूर्ण योगदान
समारोह में मुख्य अतिथि श्री साधुमार्गी जैन संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री पंवार ने कहा कि संघ का गौरव बढ़ाने में रतलाम का महत्वपूर्ण योगदान है। त्याग, तपस्या और दीक्षा आयोजनों के जरिए संघ ने रतलाम का नाम रोशन किया है। श्री संघ अध्यक्ष मदनलाल कटारिया ने कहा कि आचार्यश्री तपोमय जीवन से प्रेरणा पाकर कई आत्माएं मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हुई है। रतलाम चातुर्मास की स्मृतियां सालों तक बनी रहेगी। आरंभ में स्वागताध्यक्ष एवं पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने चातुर्मास के दौरान मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया ने आचार्यश्री की वाणी को घर-घर पहुंचाकर धर्म की जो प्रभावना की, उसका लाभ असंख्य लोगों को मिला है। चातुर्मास संयोजक महेंद्र गादिया ने कहा कि रतलाम वासियों को आचार्यश्री का सानिध्य 6 महीने तक मिला है। इस दौरान मातृ-पितृ पूजन सहित कई अभिनव आयोजन हुए, जिनसे धर्म, आध्यात्म के साथ संस्कार भी समृद्ध हुए है।
आरंभ में मिली सिसोदिया, गुंजन छाजेड़ अनिता डांगी शीतल कटारिया ने मंगलाचरण किया। समता महिला मंडल की मंजु रांका, किरण मूणत, रेखा सियार, संगीता मूणत, पुष्पा बरडिय़ा, बहू मंडल की प्रीति मूणत, शीतल गांधी, युवा संघ के अभिषेक रांका, बालक मंडल के अंकित लसोड, मनीष पिरोदिया आकाश बाफना एवं बालिका मंडल की दिव्या मूणत, सिद्धी नागौरी, साक्षी देवड़ा ने ऐतिहासिक चातुर्मास के अनुभव व्यक्त किए। श्री संघ पदाधिकारियों राजूभाई कोठारी, सुदर्शन पिरोदिया, कांतिलाल छाजेड़,निर्मल मूणत, कनकमल बोथरा, समता महिला मंडल अध्यक्ष सरोजबेन पिरोदिया,मंत्री वीणा ढाबरिया, समता युवा संघ अध्यक्ष राहुल जैन, मंत्री अजय घोटा, समता बहु मंडल अध्यक्ष प्रियंका कोठारी, मंत्री सोनाली गौरेचा, बालक मंडल के मंत्री नमीष पिरोदिया आदि उपस्थित थे।