संघ के तृतीय सरसंघचालक, सामाजिक समरसता के प्रतीक बालासाहब देवरस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
संघ के तृतीय सरसंघचालक, सामाजिक समरसता के प्रतीक बालासाहब देवरस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
संघ की शुरुआत से लेकर उसे एक विशाल संगठन बनाने और देशभर में विस्तार देने में बालासाहब देवरस जी का अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया और युवाओं को चरित्र निर्माण और राष्ट्र प्रथम के लिए प्रेरित करते रहे। सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाले बालासाहब जी का स्पष्ट मानना था कि यदि दुनिया में अस्पृश्यता पाप नहीं है, तो फिर कुछ भी पाप नहीं है। देश के राष्ट्रीय-सामाजिक जीवन में वे सदैव एक दीपस्तंभ के समान प्रकाशमान रहेंगे।
