महापुरुषों के सपनों को साकार कर रहे प्रधानमंत्री मोदी जीः डॉ. महेंद्र सिंह
महापुरुषों के सपनों को साकार कर रहे प्रधानमंत्री मोदी जीः डॉ. महेंद्र सिंह
महापुरुषों के सपनों को साकार कर रहे प्रधानमंत्री मोदी जीः डॉ. महेंद्र सिंह
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्रसिंह ने कहा कि भाजपा की यात्रा जनसंघ के रूप में शुरू हुई। उस समय लोग हमारा मजाक उड़ाते हुए कहते थे कि दीये में तेल नहीं, सरकार बदलना खेल नहीं। लेकिन हमारी यात्रा आगे बढ़ती रही। श्रद्धेय अटलजी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी बनी, लेकिन जब 84 में हमारे दो सांसद जीतकर संसद पहुंचे, तो लोगों ने फिर मजाक उड़ाया कि हम दो-हमारे दो। फिर राम मंदिर आंदोलन का दौर आया। इसके बाद स्वर्गीय अटलजी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और जब परमाणु परीक्षण के बाद दुनिया ने भारत पर प्रतिबंध लगाये, तो उन्होंने कहा कि हम किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएंगे। श्रद्धेय अटलजी की सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को जो गति दी थी, वह मनमोहन सरकार के आते ही आधी रह गई। फिर श्री नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने और जब वे अमेरिका के दौरे पर गए, तो वहां के राष्ट्रपति उनकी आगवानी के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचे। वो अंग्रेज जो जाते समय यह कह गए थे कि इंग्लैंड में कभी वंदे मातरम् नहीं गाया जाएगा, वहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जाने पर वंदे मातरम् और भारतमाता की जय के नारे गूंज उठे। यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों को ले जाने वाली बसों पर तिरंगा देखकर यूक्रेन और रूस की सेनाएं युद्ध रोक देती थीं। 2014 से पहले हम हर चीज बाहर से खरीदते थे, मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया। आज हम 85 देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करते हैं। मोदी जी के नेतृत्व में चांद पर तिरंगा लहराया है और सूर्य तथा मंगल के लिए प्रयास जारी हैं। मोदी जी ने सड़कें, हाईवे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, एम्स बनाए। लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज, आवास, गैस सिलेंडर, बिजली कनेक्शन और नल कनेक्शन दिये। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2030 तक तीसरे स्थान पर पहुंचाने का संकल्प है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संकल्प है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि मोदी जी महात्मा गांधी, आचार्य विनोबा भावे, पं.दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत बना रहे हैं, हमें इस यात्रा में सहभागी बनना है।
