"नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को संसद में पारित नहीं होने देना, कांग्रेस व विपक्षी दलों ने बहनों के अधिकारों पर डाका डाला:- डॉ. मोहन यादव

"नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को संसद में पारित नहीं होने देना, कांग्रेस व विपक्षी दलों ने बहनों के अधिकारों पर डाका डाला:- डॉ. मोहन यादव

"नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को संसद में पारित नहीं होने देना, कांग्रेस व विपक्षी दलों ने बहनों के अधिकारों पर डाका डाला, उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे

- नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती
- विपक्षी दलों के विश्वासघात के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित देशभर की महिलाओं में आक्रोश है
- प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है
- प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की आधी आबादी को अधिकार दे रहे थे, विपक्षी दलों ने रोक दिया
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है
- कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पारित नहीं होने देने पर विपक्षी दलों के खिलाफ महिला नेत्रियों के साथ सोमवार को भोपाल में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल होकर संबोधित किया। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम -2023  को लागू करने में रोड़ा अटकाकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी व डीएमके जैसे राजनीतिक दलों ने बहनों के अधिकारों पर डाका डाला है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। महिलाएं सब कुछ भूल सकती हैं, लेकिन अपना अपमान नहीं भूल सकतीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है। विपक्षी दलों के विश्वासघात के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित देश भर की महिलाओं में आक्रोश है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के अधिकारों पर डाका डालने के लिए महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से देश की आधी आबादी को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देने का कार्य कर रहे थे। विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार देने से रोका है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है। जन आक्रोश महिला पदयात्रा को पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, प्रदेश महामंत्री व सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे एवं कवयित्री श्रीमती अनामिका अंबर ने भी संबोधित किया। 

*प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों का गला घोंटा- डॉ. मोहन यादव*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास नहीं हो सका, इस पर कांग्रेस संसद में जश्न मना रही थी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को पहले बड़ी-बड़ी बातें करती थीं-लड़की हूं लड़ सकती हूं। लेकिन अब प्रियंका ने बहनों के अधिकारों का गला घोट दिया। कांग्रेस का इतिहास ही महिला विरोधी रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न हो सके, इसके लिए राहुल गांधी ने पूरा प्रयास किया। राहुल गांधी के पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी 40 साल पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद के माध्यम से पलटकर बहनों को उनके अधिकार नहीं मिलने दिया था। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सभी बहनें इसके खिलाफ जन आक्रोश महिला पदयात्राओं में शामिल हो रही हैं। हमारी तो मातृ सत्ता रही है, जहां देश और देवी-देवताओं के नाम में माताओं को सर्वोपरि रखा जाता है। प्रदेश की बहनों ने विपक्ष की विश्वासघात को सबके सामने लाने के लिए लोकतांत्रित तरीका अपनाते हुए सड़कों पर मार्च करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार हर कदम पर बहनों के मान-सम्मान और बेहतरी लिए उनके के साथ खड़ी है। इसलिए मध्यप्रदेश की प्रत्येक नगर पालिका और नगर निगम में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीस सत्र बुलाया जाएगा, वहां भी निंदा प्रस्ताव के साथ महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित नहीं रख पाएंगे। कांग्रेस और विपक्षी दल कितना भी प्रयास करें, बहनों को भाजपा उनका अधिकार दिलाकर रहेगी। प्रदेश भर से बहनें अपने अधिकारों के पक्ष में आवाज उठाने के लिए भोपाल आई हैं। देश का इतिहास गवाह है कि जब-जब बहनों पर परेशानियां आईं हैं। बहनों को उनका अधिकार दिलाने के लिए भाइयों ने सदैव संघर्ष किया है। महामना मदनमोहन मालवीय, महात्मा ज्योतिबाराव फुले, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए कार्य किया है। इस कार्य को अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी आगे बढ़ाकर महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आह्वान किया था कि लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के सभी दल एकजुट होकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कराएं, लेकिन संख्या बल के आधार पर ऐसा नहीं हो सका। देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने वाले विपक्षी दलों को सजा दिलाई जाएगी, जिन्होंने माताओं-बहनों के साथ अन्याय किया। देशभर की बहनें इसके लिए कभी विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।